Shiva Stuti शिवा स्तुति
महादेव शम्भू सभी बात पूरे,
लपेटे जटा जूट खावें धतूरे !
चढ़े शीश गंगा भुजंगा विराजे ,
रहे देव नंगा सभी काम साजे !
कैलाश रहना शिव चंद्र भोले,
फणीन्द्र माथे मुकुटो जलहरी !
कारण शंभु भव-दुःख हारी ,
तुम बिन शम्भू मुझ कौन तारी !
वैराग योगी शिव शूल पानी ,
सदा सनाधी निज बोध वाणी !
उमा निवास त्रिपुरान्तकारी ,
तुम बिन शम्भू मुझ कौन तारी !
अपार – संसार – समुद्र – मध्ये,
संमज्जती में शरणं किमस्ति !
गुरो कृपालु कृपया वदवद ,
विषवेश पादाम्बुज दीर्घ नौका !
हर – हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे ,
हर – हर महादेव शम्भो काशी विश्वनाथ गंगे !!

ॐ नमः शिवाय